बड़ा अफ़सोस है की नेता नहीं बन पाया. वर्ना मुझे भी चार-पांच बोडिगार्ड मिल जाते. लेकिन पुरे भारत में हर एक नागरिक को तो बोडिगार्ड मिले ये संभव नहीं है. तो हम आम नागरिको की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? ये एक कॉमन सेन्स का सवाल है और इसका सीधा सा जवाब है की हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है. सरकार उन निक्कमे लोगो से बनी हुई है जो हमारे बारे में तभी सोचते है जब उन्हें वोट चाहिए, बाकि और दिनों में तो उन्हें अपनी रोटी सेंकने से ही फुर्सत नहीं मिलती.
